
बच्चों को अगर कोई परेशानी या समस्या होती है, तो वो जल्दी अपने पेरेंट्स को बता नहीं पाते हैं, अगर बच्चा थोड़ा बड़ा हो, तो कई बार ऐसी चीजें वो अपने घर वालों को इसलिये नहीं बताता क्योंकि उन्हें डर रहता है कि बाहरी खानपान और घर से मिलने वाली पॉकेट मनी पर कहीं रोक ना लग जाए। जबकि छोटे बच्चे तो बोल ही नहीं पाते, ऐसे में माता-पिता और परिवार के दूसरे सदस्यों का फर्ज बनता है कि वो अपने बच्चों में इन लक्षणों को महसूस करें।
अगर आपका बच्चा बहुत छोटा है और आपको लगता है कि उसके पेट में कीड़े हो सकते हैं लेकिन आप उसके लिए आश्वस्त नहीं हैं तो आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है। आज हम पेट में कीड़े (pet me keede hone ke lakshan) होने के कुछ सामान्य से लक्षण और उसके घरेलु उपचार (pet ke keedo ka gharelu ilaaj) बता रहे हैं।
कई बार अचानक ही पेट में दर्द (pet dard ka karan) होना शुरू हो जाता है। डॉक्टर से मिलने के बाद पता चलता है कि पेट में कीड़े (pet ke keedo ka ilaj) हैं। ये कीड़े ज्यादातर बच्चों के पेट में पाए जाते हैं। पेट में कीडे पड़ना एक आम बात है। इसमें पाचन संबंधी विकार जैसे भूख न लगना, जी मिचलाना, उल्टी आना और कमजोरी होने लगती है। जब कीड़ों के लार्वे फेफड़े तक पहुंच जाते हैं, तो दमा रोग भी हो सकता है। बच्चों द्वारा मिट्टी खाने, दूषित भोजन खाने, गंदे कपड़े पहनने, शरीर की उचित सफाई न करने, बाहर का दूषित खाना खाने, मांस-मछली, गुड़, दही, सिरका आदि अधिक मात्रा में सेवन करने से पेट में कीड़े हो जाते हैं।
पेट में कीड़े के लक्षण –
– जीभ सफेद और आंखे लाल हो जाती हैं।
– होंठ सफेद, गालों पर धब्बे और शरीर में सूजन आदि के लक्षण दिखाई देते हैं।
– गुदाद्वार तथा उसके आस-पास की त्वचा पर खुजली होती है।
– मल में खून आना और उल्टी होना।
घरेलू उपचार –
– पेट के कीड़ों से बचने का सबसे अच्छा तरीका है- स्वच्छता। खाने-पीने से पहले अच्छी तरह से हाथ धोना, ढ़ककर रखें भोजन, सड़क किनारे मिलने वाले कटे फलों से दूर ही रहना चाहिए।
– आधा चम्मच हल्दी लेकर तवे पर सूखी भून लें। फिर इसे रात को सोते समय पानी से लें।
– छाछ में नमक तथा काली मिर्च का चूर्ण डालकर चार दिन तक पिएं।
– लहसुन की चटनी बनाकर उसमें थोड़ा सेंधा नमक डालकर सुबह-शाम चाटें। आराम मिलेगा।
– दही में शहद मिलाकर तीन-चार दिन तक सुबह-शाम खाने से पेट के कीड़े मर जाते हैं।
– एक चम्मच करेले का रस लेकर गर्म पानी में मिलाकर पिएं।
– दो चम्मच अनार का जूस रोजाना लेने से पेट के कीड़े मर जाते हैं।
– अजवाइन के सत्व की चार-पांच बूंदे पानी में डालकर सेवन करें।
– बच्चों को आधा चम्मच प्याज का रस दो- तीन दिन तक पिलाने से काफी लाभ होता है।
आयुर्वेदिक उपचार –
1. नीम की कोपलों को कुचलकर इसका एक चम्मच रस निकाल लें। इसमें शहद मिलाकर चाटें। इससे पेट के कीड़े मरकर मल के साथ बाहर निकल जाते हैं।
2. नीम को पत्तियों को सुखाकर पीस लें और दो चुटकी चूर्ण शहद के साथ सेवन करें।
3. करेले के पत्तों का जूस निकाल कर उसे गुनगुने पानी के साथ पिलाएं।
4. यदि आपको यह रोग सता रहा हो तो रोजाना सुबह खाली पेट ही टमाटर को आधा काटकर उस पर थोड़ी-सी हल्दी और सेंधा नमक लगाकर खिलाने से काफी लाभ होता है।
5. पेट में कीड़े हो तो कद्दू की सब्जी भी उपयोगी रहती है। एक सप्ताह तक खाली पेट ही कद्दू के आठ-दस बीज खाएं।





